एक गीत। एक गीत।
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
तन्हाई में अक्सर ज़ेहन में एक ख़्याल आता है छू कर मेरे दिल को एक टीस छोड़ जाता है... तन्हाई में अक्सर ज़ेहन में एक ख़्याल आता है छू कर मेरे दिल को एक टीस छोड़ जाता ह...
लेकिन जीवन में जीव खुद का ही, भूत, भविष्य, वर्तमान बना लेता है और तीन पैरों के साथ चलकर , रोशनी क... लेकिन जीवन में जीव खुद का ही, भूत, भविष्य, वर्तमान बना लेता है और तीन पैरों के...
कभी मिलना, उन गलियों में, जहाँ छुप्पन-छुपाई में, हमने रात जगाई थी...! कभी मिलना, उन गलियों में, जहाँ छुप्पन-छुपाई में, हमने रात जगाई थी...!
जाने क्यों लेकिन कभी-कभी, दिल बहुत मचलता है, अनजाने ही ज़िन्दगी की, किताब के पन्ने पलटता है...! जाने क्यों लेकिन कभी-कभी, दिल बहुत मचलता है, अनजाने ही ज़िन्दगी की, किताब के पन्...